
किसकी कमी से होती है आर्थराइटिस की बीमारी, गठिया दर्द को जड़ से खत्म करने के लिए क्या खाएं?
world arthritis day: आर्थराइटिस जोड़ों से जुड़ी एक बीमारी है, जिसमें सूजन, दर्द, अकड़न और चलने-फिरने में तकलीफ़ होती है। चलिए जानते हैं यह किसकी कमी से होती है और इसे ठीक कैसे करें?
गठिया (Arthritis) एक सामान्य लेकिन गंभीर जोड़ों से जुड़ी बीमारी है, जिसमें जोड़ों में सूजन, दर्द, अकड़न और चलने-फिरने में कठिनाई होती है। यह समस्या उम्र बढ़ने के साथ बढ़ती है, लेकिन आजकल यह युवाओं में भी देखने को मिल रही है। इसका मुख्य कारण शरीर में कुछ जरूरी पोषक तत्वों की कमी, असंतुलित खानपान, गलत जीवनशैली और ऑटोइम्यून विकार हो सकते हैं।
किसकी कमी से होती है आर्थराइटिस?
गठिया होने के पीछे कई पोषक तत्वों की कमी जिम्मेदार होती है, जिनमें प्रमुख हैं। विटामिन D की कमी। यह विटामिन हड्डियों और जोड़ों के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। इसकी कमी से हड्डियाँ कमजोर हो जाती हैं और जोड़ों में सूजन व दर्द बढ़ सकता है। कैल्शियम की कमी से भी हड्डियों में कमजोर होकर घिसने लगते हैं, जिससे ऑस्टियोआर्थराइटिस हो सकता है। यह हड्डियों की सेहत को मजबूत बनाए रखता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड की कमी से जोड़ों में इन्फ्लेमेशन बढ़ जाती है, जिससे दर्द होता है। विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स की कमी से जोड़ों का क्षय तेज हो जाता है। ये जोड़ों को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं और टिशू रिपेयर में मदद करते हैं। कोलेजन जोड़ों के कार्टिलेज का एक मुख्य घटक है। उम्र बढ़ने या पोषण की कमी से इसका निर्माण घटता है जिससे जोड़ों में दर्द और जकड़न
किसकी कमी से होती है आर्थराइटिस की बीमारी, गठिया दर्द को जड़ से खत्म करने के लिए क्या खाएं?
किसकी कमी से होती है आर्थराइटिस की बीमारी, गठिया दर्द को जड़ से खत्म करने के लिए क्या खाएं?
world arthritis day: आर्थराइटिस जोड़ों से जुड़ी एक बीमारी है, जिसमें सूजन, दर्द, अकड़न और चलने-फिरने में तकलीफ़ होती है। चलिए जानते हैं यह किसकी कमी से होती है और इसे ठीक कैसे करें?
गठिया (Arthritis) एक सामान्य लेकिन गंभीर जोड़ों से जुड़ी बीमारी है, जिसमें जोड़ों में सूजन, दर्द, अकड़न और चलने-फिरने में कठिनाई होती है। यह समस्या उम्र बढ़ने के साथ बढ़ती है, लेकिन आजकल यह युवाओं में भी देखने को मिल रही है। इसका मुख्य कारण शरीर में कुछ जरूरी पोषक तत्वों की कमी, असंतुलित खानपान, गलत जीवनशैली और ऑटोइम्यून विकार हो सकते हैं।
किसकी कमी से होती है आर्थराइटिस?
गठिया होने के पीछे कई पोषक तत्वों की कमी जिम्मेदार होती है, जिनमें प्रमुख हैं। विटामिन D की कमी। यह विटामिन हड्डियों और जोड़ों के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। इसकी कमी से हड्डियाँ कमजोर हो जाती हैं और जोड़ों में सूजन व दर्द बढ़ सकता है। कैल्शियम की कमी से भी हड्डियों में कमजोर होकर घिसने लगते हैं, जिससे ऑस्टियोआर्थराइटिस हो सकता है। यह हड्डियों की सेहत को मजबूत बनाए रखता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड की कमी से जोड़ों में इन्फ्लेमेशन बढ़ जाती है, जिससे दर्द होता है। विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स की कमी से जोड़ों का क्षय तेज हो जाता है। ये जोड़ों को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं और टिशू रिपेयर में मदद करते हैं। कोलेजन जोड़ों के कार्टिलेज का एक मुख्य घटक है। उम्र बढ़ने या पोषण की कमी से इसका निर्माण घटता है जिससे जोड़ों में दर्द और जकड़न होती है।
गठिया दर्द को जड़ से खत्म करने के लिए क्या खाएं?
गठिया से राहत पाने के लिए खानपान में कुछ खास चीजों को शामिल करना बहुत फायदेमंद हो सकता है। नीचे ऐसे फूड्स की सूची दी गई है जो प्राकृतिक रूप से सूजन कम करते हैं, हड्डियों को मज़बूती देते हैं और दर्द से
किसकी कमी से होती है आर्थराइटिस की बीमारी, गठिया दर्द को जड़ से खत्म करने के लिए क्या खाएं?
किसकी कमी से होती है आर्थराइटिस की बीमारी, गठिया दर्द को जड़ से खत्म करने के लिए क्या खाएं?
world arthritis day: आर्थराइटिस जोड़ों से जुड़ी एक बीमारी है, जिसमें सूजन, दर्द, अकड़न और चलने-फिरने में तकलीफ़ होती है। चलिए जानते हैं यह किसकी कमी से होती है और इसे ठीक कैसे करें?

गठिया (Arthritis) एक सामान्य लेकिन गंभीर जोड़ों से जुड़ी बीमारी है, जिसमें जोड़ों में सूजन, दर्द, अकड़न और चलने-फिरने में कठिनाई होती है। यह समस्या उम्र बढ़ने के साथ बढ़ती है, लेकिन आजकल यह युवाओं में भी देखने को मिल रही है। इसका मुख्य कारण शरीर में कुछ जरूरी पोषक तत्वों की कमी, असंतुलित खानपान, गलत जीवनशैली और ऑटोइम्यून विकार हो सकते हैं।
किसकी कमी से होती है आर्थराइटिस?
गठिया होने के पीछे कई पोषक तत्वों की कमी जिम्मेदार होती है, जिनमें प्रमुख हैं। विटामिन D की कमी। यह विटामिन हड्डियों और जोड़ों के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। इसकी कमी से हड्डियाँ कमजोर हो जाती हैं और जोड़ों में सूजन व दर्द बढ़ सकता है। कैल्शियम की कमी से भी हड्डियों में कमजोर होकर घिसने लगते हैं, जिससे ऑस्टियोआर्थराइटिस हो सकता है। यह हड्डियों की सेहत को मजबूत बनाए रखता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड की कमी से जोड़ों में इन्फ्लेमेशन बढ़ जाती है, जिससे दर्द होता है। विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स की कमी से जोड़ों का क्षय तेज हो जाता है। ये जोड़ों को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं और टिशू रिपेयर में मदद करते हैं। कोलेजन जोड़ों के कार्टिलेज का एक मुख्य घटक है। उम्र बढ़ने या पोषण की कमी से इसका निर्माण घटता है जिससे जोड़ों में दर्द और जकड़न होती है।
गठिया दर्द को जड़ से खत्म करने के लिए क्या खाएं?
गठिया से राहत पाने के लिए खानपान में कुछ खास चीजों को शामिल करना बहुत फायदेमंद हो सकता है। नीचे ऐसे फूड्स की सूची दी गई है जो प्राकृतिक रूप से सूजन कम करते हैं, हड्डियों को मज़बूती देते हैं और दर्द से राहत दिलाते हैं।
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हल्दी: इसमें मौजूद करक्यूमिन एक शक्तिशाली सूजनरोधी तत्व है। रोजाना एक गिलास हल्दी वाला दूध पीने से गठिया दर्द में आराम मिलता है।
अदरक: यह एक प्राकृतिक पेनकिलर की तरह काम करता है। इसे चाय में डालकर या कच्चा सेवन करना फायदेमंद है।
ओमेगा-3 युक्त फूड्स: अलसी के बीज (Flaxseeds), चिया सीड्स, अखरोट, फैटी फिश (जैसे सैल्मन) ये जोड़ों की सूजन और दर्द को कम करते हैं।
हरी पत्तेदार सब्जियाँ: पालक, मेथी, सरसों, सहजन (Drumstick) आदि में कैल्शियम, आयरन और विटामिन K होता है जो हड्डियों के लिए फायदेमंद है अमरूद, कीवी, संतरा, आंवला – ये विटामिन C से भरपूर होते हैं जो कोलेजन निर्माण में मदद करते हैं।
गठिया में क्या न खाएं?
बहुत ज्यादा नमक और चीनी। भिंडी, बैंगन, अरबी (कुछ लोगों को सूजन बढ़ा सकते हैं)। प्रोसेस्ड और पैक्ड फूड। रेड मीट और फ्राइड फूड। अल्कोहल और स्मोकिंग
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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